सीहोर। एक तरफ जहां लंबे इंतजार के बाद आसमान से बरसीं मानसून की शुरुआती बूंदें हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लेकर आईं, वहीं आष्टा क्षेत्र में यही बारिश दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला ताउम्र का मातम दे गई। ग्राम बागेर में स्थित एक बंद पड़ी मुरम की खदान में जमा बारिश के पानी में नहाने गए दो मासूम बच्चों की गहरे पानी में डूबने से असमय मौत हो गई। मानसून की यह शुरुआती बारिश मासूम समर और संतोष के लिए काल बन गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम बापचा दोनिया के रहने वाले दो पक्के दोस्तकृ समर और संतोष दोनों की उम्र लगभग 12 वर्ष दोपहर के समय घर से हंसते-खेलते निकले थे। पास के ही ग्राम बागेर में स्थित मुरम की एक पुरानी खदान में हाल ही में हुई मानसूनी बारिश का पानी लबालब भरा हुआ था। दोनों बच्चों ने पानी देखा तो गर्मी से राहत पाने और तैरने के शौक में वे खदान के उस बड़े गड्ढे में उतर गए। मासूमों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस पानी को वे खेल समझ रहे हैं, वह उनके जीवन का आखिरी पल साबित होने वाला है।
गहराई का नहीं लगा अंदाजा
तैरते-तैरते दोनों बच्चे खदान के उस खतरनाक हिस्से की तरफ बढ़ गए, जहां खुदाई के कारण गहरा गड्ढा था। पानी की गहराई और नीचे जमा कीचड़-दलदल का थाह न मिलने के कारण दोनों बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए। उन्होंने बचने के लिए हाथ-पैर तो मारे, लेकिन गहराई ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया और दोनों दोस्त एक-दूसरे के सामने ही पानी में समा गए।
अस्पताल पहुंचते ही पसरा सन्नाटा
जब आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को हादसे की भनक लगी तो मौके पर चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए खदान के पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों सांसें थम चुकी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शवों को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए आष्टा के सिविल अस्पताल भिजवाया गया।


