सीहोर। नगर पालिका परिषद ने टैक्स वसूली के लिए अब गांधीगिरी और सख्ती का मिला-जुला रास्ता अख्तियार किया है। शहर के 35 वार्डों में करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया होने के कारण नगर पालिका का खजाना खाली है, जिसे भरने के लिए अब अधिकारियों ने बकायादारों के दरवाजे पर ढोल बजवाना शुरू कर दिया है। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य उन लोगों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना है, जो बार-बार नोटिस देने के बावजूद संपत्ति कर और जल कर जमा नहीं कर रहे हैं।
नगर पालिका के अमले ने सोमवार से शहर में बकायादारों के द्वार पर दस्तक दी। टीम के साथ पहुंचे ढोल वालों ने बकायादारों के घरों और दुकानों के सामने जमकर ढोल बजाए। जैसे ही ढोल की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग इक_ा हुए, नपा कर्मचारियों ने संबंधित व्यक्ति को टैक्स जमा करने की अंतिम चेतावनी दी। नपा प्रशासन का मानना है कि इस तरीके से लोग लोक-लाज के डर से जल्दी टैक्स जमा करेंगे।
क्या सरकारी दफ्तरों के बाहर भी गरजेगा ढोल
नपा की इस कार्रवाई को लेकर शहर में एक बड़ा सवाल भी है। दरअसल सीहोर नगर पालिका का केवल आम आदमी या दुकानदारों पर ही बकाया नहीं है, बल्कि शहर के कई बड़े सरकारी दफ्तरों पर भी टैक्स और संपत्ति कर बकाया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्या नपा का यह अमला उन रसूखदार सरकारी विभागों के गेट पर भी जाकर ढोल बजाएगा जो सालों से टैक्स दबाए बैठे हैं या फिर यह संगीत वाली सख्ती सिर्फ गरीब और मध्यम वर्गीय जनता तक ही सीमित रहेगी।
35 वार्डों में 15 करोड़ से ज्यादा का है खेल
नगर पालिका के 35 वार्डों में संपत्ति कर, जल कर और दुकान किराए का कुल बकाया करीब 15 से 18 करोड़ रुपए के पार जा पहुंचा है। बकाया वसूली न होने के कारण शहर के विकास कार्य और कर्मचारियों का वेतन तक प्रभावित होता है। नपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अब रुकने वाला नहीं है।
बड़े बकायादारों की सूची तैयार
नगर पालिका ने वार्डवार ऐसे बड़े बकायादारों की सूची तैयार की है जिन पर 50 हजार से लेकर लाखों रुपए तक का टैक्स बकाया है। नपा अध्यक्ष और सीएमओ के निर्देश हैं कि यदि ढोल बजाने के बाद भी टैक्स जमा नहीं होता है तो अगले चरण में नल कनेक्शन काटने और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।


