Sehore News: सीहोर। जिले में वैसे तो मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और बादलों की आवाजाही जारी है, लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो इस बार जिला पिछले साल के मुकाबले मानसून की दौड़ में पिछड़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2025 की तुलना में इस साल मानसून की शुरुआती रफ्तार काफी धीमी और सुस्त रही है। भू-अभिलेख विभाग द्वारा 25 जून को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल आज की तारीख तक जिला 4.64 इंच औसत बारिश का आंकड़ा छू चुका था, जबकि इस वर्ष जिला अब तक केवल 4.28 इंच पर ही पहुंच पाया है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 0.91 इंच बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा मेहरबानी भैरुंदा और बुधनी क्षेत्रों पर रही। भैरुंदा में 2.13 इंच, बुधनी में 2.05 इंच और रेहटी में 1.51 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा श्यामपुर में 0.79 इंच, सीहोर शहर में 0.39 इंच, इछावर में 0.24 इंच और आष्टा में 0.16 इंच मामूली बारिश हुई। वहीं जावर केंद्र पर इस दौरान बादलों ने पूरी तरह निराशा किया और वहां कोई बारिश दर्ज नहीं की गई। अब तक की कुल बारिश में भैरुंदा क्षेत्र सबसे आगे है, जहां 6.81 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद इछावर में 5.83 इंच और बुधनी में 5.10 इंच वर्षा हुई है। जबकि सीहोर शहर में 4.75 इंच, आष्टा में 3.31 इंच, जावर में 3.11 इंच, रेहटी में 3.02 इंच और श्यामपुर में 2.33 इंच बारिश दर्ज की गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
पिछले साल से मानसून के पिछडऩे के कारण जिले के अन्नदाताओं की चिंता थोड़ी बढऩे लगी है, क्योंकि खरीफ की बोनी के लिए खेतों को अच्छी और लगातार बारिश की दरकार होती है। जून का महीना समाप्त होने की ओर है, ऐसे में पिछले साल के मुकाबले कम पानी गिरना खेती के शुरुआती चक्र को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल शुरुआती दौर है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार में भारी तेजी आएगी और जिला पिछले साल के इस रिकॉर्ड को जल्द ही पार कर लेगा।


