कुबेरेश्वर धाम के भव्य आयोजन पर सस्पेंस…

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सीहोर। आस्था के केंद्र कुबेरेश्वर धाम में अगले महीने यानी अप्रैल में होने वाले भव्य और दिव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं। जिस आयोजन की घोषणा स्वयं बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं के बीच की थी, उसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आना चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रद्धालुओं में अब यह सस्पेंस बरकरार है कि क्या अप्रैल में कोई बड़ा आयोजन होगा या नहीं।
बता दें फरवरी माह में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे। उस दौरान मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बड़े ही उत्साह के साथ कहा था, आज हमारा मन बड़ा गदगद है। आगामी अप्रैल में यहां प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी है। उन्होंने चुटीले अंदाज में यह भी कहा था कि उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा जी का कर्जा भी चुका दिया है, मिश्रा जी उनके धाम छतरपुर गए थे और वे यहां सीहोर आ गए।
तैयारियों और सूचना का अभाव
आमतौर पर कुबेरेश्वर धाम में जब भी कोई बड़ा आयोजन होता है, तो उसकी तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं। सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और प्रशासनिक स्तर पर बैठकों का दौर चलने लगता है। लेकिन मार्च का महीना आधा बीत जाने के बाद भी अप्रैल के इस कथित आयोजन को लेकर फिलहाल शहर में कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है। न तो विठ्ठलेश सेवा समिति की ओर से कोई पत्र जारी हुआ है और न ही धाम परिसर में उस स्तर की हलचल नजर आ रही है, जो एक भव्य प्राण प्रतिष्ठा के लिए होनी चाहिए।
श्रद्धालु और स्थानीय निवासी असमंजस में
श्रद्धालु जो पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के बाद अप्रैल में सीहोर आने की योजना बना रहे थे, अब असमंजस में हैं। स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों के मन में भी सवाल है कि यदि आयोजन होना है तो अब तक उसकी तारीखों और रूपरेखा का ऐलान क्यों नहीं किया गया। क्या यह आयोजन किसी कारणवश आगे बढ़ गया है या फिर इसे गुप्त रूप से बेहद सूक्ष्म स्तर पर करने की योजना है।
समिति की चुप्पी बढ़ा रही सस्पेंस
धाम प्रबंधन और समिति की ओर से इस विषय पर फिलहाल चुप्पी साध रखी गई है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन के लिए प्रशासन के साथ समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी आवश्यकता होती है। यदि अप्रैल में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना है तो अब तक प्रशासन के साथ कोई बड़ी बैठक न होना भी इस आयोजन के होने पर सवालिया निशान लगा रहा है।