सेमरा दांगी में सरकारी पैसे का बंदरबांट, 8 इंच की जगह बिछा दी 2 इंच की सडक़

#Sehore, सीहोर। कहने को तो गांवों की दशा बदलने के लिए सरकार हर साल लाखों-करोड़ों रुपये का बजट भेजती है, लेकिन जमीन पर यह पैसा गांव के विकास में लगने के बजाय भ्रष्टाचारियों की जेब में चला जाता है। ऐसा ही एक मामला जिले की ग्राम पंचायत सेमरा दांगी से सामने आया है, जहां विकास कार्यों के नाम पर धांधली और लीपापोती का बड़ा खेल खेला गया है।
ग्रामीण गोपाल सिंह दांगी का आरोप है कि साल 2022 से लेकर अब तक पंचायत में जितने भी काम हुए, उनमें से किसी के लिए भी कोई ग्राम सभा या आम बैठक नहीं बुलाई गई। सरपंच और सचिव ने बंद कमरों में मनमर्जी से प्रस्ताव तैयार किए और बजट निकाल लिया। इस पूरे मामले में कागजों पर दस्तखत करने वाले इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन्होंने बिना मौके का सही मुआयना किए घटिया काम को हरी झंडी दे दी।
8 इंच की सडक़ सिर्फ 2 इंच में सिमटी
पंचायत में बनी सीसी रोड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। नियमों के मुताबिक जो कंक्रीट की सडक़ कम से कम 8 इंच मोटी बननी चाहिए थी, वह जमीन पर केवल 2 इंच की पतली परत में सिमट कर रह गई। कागजों पर तो महंगी और पक्की सामग्री का इस्तेमाल दिखाया गया, लेकिन असल में सबसे सस्ता और घटिया सामान लगाकर सरकारी खजाने को चूना लगा दिया गया। सीसी रोड ही नहीं, बल्कि गांव में बनी नाली और खेत-तालाब के कामों का भी यही हाल है।
आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ा
जब ग्रामीण गोपाल सिंह ने इस धांधली की शिकायत 181 यानी सीएम हेल्पलाइन पर की तो जांच अधिकारियों ने मामले को सुलझाने के बजाय इसे दो पक्षों का आपसी विवाद बताकर फाइल ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की। इससे साफ जाहिर होता है कि निचले स्तर पर शिकायतों की सुनवाई किस तरह कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है।
ग्रामीणों की मांग, गांव में पर आकर हो जांच
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेता है या नहीं। ग्रामीणों की मांग है कि जिला स्तर की टीम खुद गांव आकर निर्माण कार्यों की नाप-जोख करे और दोषी सरपंच, सचिव व इंजीनियर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।