Sehore News: सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में उस समय हडक़ंप मच गया, जब परिसर में खुलेआम सरकारी दस्तावेजों को आग के हवाले करते देखा गया। इस घटना से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यालय परिसर में दस्तावेजों को जलता देख आसपास मौजूद जागरूक लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल कैमरों से इसकी तस्वीरें और वीडियो बना लिए। देखते ही देखते यह बात पूरे शहर में फैल गई। लोगों का कहना है कि आखिर ऐसे कौन से महत्वपूर्ण या संवेदनशील दस्तावेज थे, जिन्हें इस तरह आनन-फानन में जलाया जा रहा था। क्या नियमों को ताक पर रखकर किसी गड़बड़ी को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
क्या कलेक्टर को है इस बात की भनक
घटना के बाद से प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या कलेक्टर बालागुरू के. को कृषि विभाग में जलाए जा रहे इन दस्तावेजों की पूर्व जानकारी है या फिर जिला प्रशासन और कलेक्टर को अंधेरे में रखकर विभागीय स्तर पर ही फाइलों को नष्ट किया जा रहा है।
उठे गंभीर सवाल
नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी दस्तावेज या रिकॉर्ड को नष्ट करने के लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति की आवश्यकता होती है। बिना किसी पारदर्शिता के इस तरह खुले में दस्तावेज जलाए जाने से विभाग की भूमिका संदेहास्पद नजर आ रही है। फिलहाल इस पूरे मामले पर कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


