सीहोर। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सीहोर अंचल में किए जा रहे विद्युतीकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और मनमानी का मामला सामने आया है। सवाल उठाए हैं कि बिजली कंपनी के अधिकारियों ने गरीब और निर्धन बस्तियों के लिए तय योजनाओं का लाभ संपन्न और सक्षम परिवारों को पहुंचा दिया। इस पूरे मामले को लेकर विधायक सुदेश राय ने मध्य प्रदेश विधानसभा में ऊर्जा मंत्री से लिखित में सवाल पूछे थे।
हालांकि विधानसभा सत्र की कार्यवाही समय से पहले ही स्थगित हो जाने के कारण ऊर्जा विभाग का आधिकारिक जवाब पटल पर नहीं आ सका। यदि सत्र सुचारू रूप से चलता और इस सवाल का जवाब सामने आता तो बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की बड़ी पोल खुलना तय माना जा रहा था।
रावतखेड़ा और आछारोही में गड़बड़ी
विधायक सुदेश राय द्वारा विधानसभा में लगाए गए तारांकित प्रश्न विषय आरडीएसएस योजनांतर्गत विद्युतीकरण कार्य के अनुसार बिजली कंपनी ने नियमों को दरकिनार कर अपात्रों को लाभ पहुंचाया है।
मुफ्त ट्रांसफार्मर का नियम
केंद्र और राज्य सरकार की पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की अत्यंत गरीब बस्तियों में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए नि:शुल्क ट्रांसफार्मर लगाए जाने का स्पष्ट प्रावधान है।
अपात्रों को बांटा लाभ
विधायक ने सवाल उठाए हैं कि सीहोर के ग्राम रावतखेड़ा और ग्राम आछारोही में ऐसे स्थानों पर नि:शुल्क ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए गए, जहां गरीब बस्तियां हैं ही नहीं। यहां सक्षम परिवारों को योजना का अनुचित लाभ दिया गया।
कार्रवाई की मांग
विधायक ने ऊर्जा मंत्री से सीधा सवाल किया था कि जब इन गांवों में गरीब बस्ती नहीं थी तो किस आधार पर ट्रांसफार्मर स्वीकृत कर लगाए गए। इसके लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी हैं और विभाग द्वारा उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
इन दो बिंदुओं पर भी मांगा था ब्यौरा
विधायक सुदेश राय ने ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली और अंचल में ठप पड़े सर्वे कार्यों को लेकर भी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से दो अन्य मुख्य जानकारियां मांगी थीं…
- – सीहोर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में आरडीएसएस योजना के तहत अब तक किन-किन ग्रामों में विद्युतीकरण का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, उन सभी गांवों के नामों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
- – ऊर्जा विभाग द्वारा वर्तमान में सीहोर में कुल कितनी योजनाएं चलाई जा रही हैं। किन-किन योजनाओं के तहत नए सर्वे का कार्य प्रस्तावित है और यह सर्वे कब तक पूरा कर लिया जाएगा।
सत्र स्थगित होने से फिलहाल बचा बिजली विभाग
स्थानीय ग्रामीणों में इस बात की चर्चा है कि बिजली कंपनी के मैदानी अधिकारियों ने कागजों में हेरफेर कर गरीब बस्तियों के नाम पर संपन्न क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर रखवा दिए। विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल या समय से पहले स्थगित हो जाने की वजह से ऊर्जा मंत्री का अधिकृत जवाब सार्वजनिक नहीं हो पाया, जिससे फिलहाल दोषी अधिकारी बच निकले हैं। हालांकि इस सवाल के विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज होने के बाद अब बिजली कंपनी के आला अधिकारियों में हडक़ंप मचा हुआ है और ग्रामीण अंचल के लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


