Sehore: वल्र्ड टाइगर डे विशेष: युवराज की सेहत में लगातार सुधार

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सीहोर। आज वल्र्ड टाइगर डे है, जंगल के राजा यानी बाघों के संरक्षण, उनके अस्तित्व और उनके पराक्रम को सम्मान देने का दिन, लेकिन जंगल का कानून बड़ा ही अलग होता है, जहां सत्ता और वर्चस्व की जंग में सिर्फ ताकतवर का राज चलता है। ऐसा ही एक रोमांचक और संघर्षपूर्ण वाक्या जिले की सीमा से सटे खिवनी अभयारण्य में देखने को मिला था, जहां जंगल की सल्तनत के लिए दो ताकतवर बाघों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हुआ।
पिछले एक दशक से खिवनी के जंगलों पर एकछत्र राज करने वाले 10 वर्षीय अल्फा मेल टाइगर युवराज को अपनी सल्तनत गंवानी पड़ी है। उनका मुकाबला 4.5 साल के युवा और आक्रामक बाघ अधिराज से हुआ। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार 10 साल की उम्र के बाद बाघों की शारीरिक क्षमता घटने लगती है। अधिराज की फुर्ती और ताकत के आगे बूढ़े हो रहे युवराज टिक नहीं सके। इस भीषण जंग में जीतकर अधिराज ने खिवनी के सिंहासन पर कब्जा जमा लिया और अब वही इस क्षेत्र का नया अल्फा मेल बन गया है। वर्तमान में खिवनी अभयारण्य में 7 से अधिक बाघ मौजूद हैं।
भोपाल के वन विहार में चल रहा युवराज का इलाज
जंग हारने के बाद युवराज अपने पंजों में फ्रैक्चर और शरीर पर गहरे घावों के साथ दर्द से कराहते हुए नजर आए। सूचना मिलते ही खिवनी अभयारण्य के अधीक्षक विकास माहोरे और वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया।
27 जून को घने जंगल के कक्ष क्रमांक 208 में युवराज को बेहोश कर रेस्क्यू किया गया और भोपाल के वन विहार लाया गया। लगभग एक महीने के इलाज के बाद अब वल्र्ड टाइगर डे पर अच्छी खबर यह है कि युवराज की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।