Sehore: शिक्षकों को हाईकोर्ट से मिली हल्की राहत…

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Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए हमारे शिक्षक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ई.उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य बनाने वाले राज्य शासन के परिपत्र को चुनौती देने वाली रिट याचिका का निपटारा करते हुए एक महत्वपूर्ण और स्पष्ट फैसला सुनाया है।
न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तकनीकी प्रगति के इस युग में कुछ शिक्षकों द्वारा अधिक आयु होने या स्मार्टफोन का संचालन न जानने का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य में शिक्षकों के बीच अनुशासन सुनिश्चित करने और उन्हें समय पर विद्यालय पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए इस प्रशासनिक कदम में न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं द्वारा यह आशंका जताई गई थी कि तकनीकी खराबी या इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने पर उपस्थित शिक्षकों को भी अनुपस्थित मानकर दंडित किया जा सकता है तथा उनका वेतन रोका जा सकता है। इस पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने एक व्यावहारिक व्यवस्था दी है कि यदि कोई शिक्षक समय पर विद्यालय में उपस्थित है लेकिन कनेक्टिविटी संबंधी तकनीकी बाधा के कारण ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाता है, तो वह प्रधानाचार्य को लिखित आवेदन दे सकता है। प्रधानाचार्य उचित सत्यापन और संवाद के माध्यम से उसकी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने पर विचार करेंगे।