बुधनी में 5 बैरिकेड्स तोड़ राजधानी की ओर बढ़े आंदोलनकारी किसान

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सीहोर। मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा सडक़ों पर फूट पड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले निकाली जा रही किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को अपने दूसरे दिन बरखेड़ा से राजधानी भोपाल की ओर तेजी से बढ़ी। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए भोपाल से ठीक पहले औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल के साथ किसानों का रास्ता रोक दिया, जहां किसान उग्र नारेबाजी करते हुए सडक़ों पर डटे हुए हैं।
इस आंदोलन में सबसे बड़ा टकराव बुधनी क्षेत्र में देखने को मिला। सोमवार को यात्रा के पहले ही दिन से प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए बुधनी में मजबूत नाकेबंदी कर रखी थी। पुलिस ने किसानों की राह रोकने के लिए बुधनी में एक के बाद एक लगातार 5 बैरिकेड्स लगाए थे। लेकिन मूंग खरीदी और खाद की किल्लत से आक्रोशित किसानों के आगे पुलिस और प्रशासन की यह रणनीति पूरी तरह फेल साबित हुई। किसानों के भारी हुजूम ने बुधनी में लगाए गए सभी 5 बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका और पुलिस के सुरक्षा घेरे को ध्वस्त करते हुए गड़रिया नाले को पार कर लिया। इससे पहले नर्मदापुरम सीमा पर नर्मदा ब्रिज के पास लगाए गए बैरिकेड्स को भी किसानों ने उखाड़ दिया था। इसके बाद किसान औबेदुल्लागंज-बैतूल फोरलेन के रास्ते देर रात बरखेड़ा पहुंचे और अब वहां से भोपाल कूच कर रहे हैं।
सीएम आवास का घेराव किए बिना वापस नहीं लौटेंगे
औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा पर सडक़ पर बैठे किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन चाहे नर्मदा ब्रिज पर रोके, बुधनी में बैरिकेड्स लगाए या औबेदुल्लागंज में बल प्रयोग करे, किसान डरने वाले नहीं हैं।
किसान नेताओं का कहना है हम अपनी हक की लड़ाई लडऩे शांतिपूर्ण तरीके से पैदल भोपाल जा रहे हैं। प्रशासन ने नर्मदा ब्रिज से लेकर बुधनी तक कई जगह बैरिकेड्स लगाकर हमें रोकने का प्रयास किया, लेकिन हमने सभी बाधाएं पार कर लीं। अब हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और अपनी मांगें मनवाकर ही वापस लौटेंगे। फिलहाल भोपाल बॉर्डर और औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा पर स्थिति बेहद संवेदनशील और गहमागहमी भरी बनी हुई है। भारी पुलिस बल तैनात है, वहीं किसान भी आर-पार के मूड में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।