Sehore: 1000 लोगों ने डेढ़ घंटे में रोपे 1111 पौधे…

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Sehore News: सीहोर। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा गुरुवार को रायपुरा पहाड़ी सावल माता मंदिर स्थल पर एक ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ। गायत्री महामंत्र के पावन उच्चारण के बीच वृक्ष गंगा अभियान त्रिवेणी पौधारोपण महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस महायज्ञ में 15 से अधिक गांवों के लगभग 1000 ग्रामीणों और गायत्री परिजनों ने एक साथ पहाड़ी पर चढक़र महज डेढ़ घंटे में 1111 पौधे रोपे और बड़ली वाली माता पहाड़ी को हरियाली की चुनर ओढ़ा दी। श्रद्धालुओं ने केवल पौधे लगाए ही नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शांतिकुंज गायत्री परिवार हरिद्वार से पधारे आचार्य डॉ. चिन्मय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा हमारी आंखों के सामने प्रकृति लगातार उजड़ रही है और हम गांधारी की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर शांत बैठे हैं। आज पूरी दुनिया में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने एक रोचक तथ्य साझा करते हुए बताया कि गायत्री परिवार के लाखों स्वयंसेवकों की मेहनत का ही नतीजा है कि पिछले एक दशक में भारत भूमि पर इतना पौधारोपण हुआ कि गूगल को भी अपने डिजिटल मैप का रंग बदलना पड़ा। पहले जहां गूगल मैप्स पर भारत के कई क्षेत्र हरियाली शून्य दिखाई देते थे, अब वहां हरा-भरा क्षेत्र नजर आता है।
गायत्री परिवार समाज को जोडऩे का काम करता है
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक सुदेश राय और वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश राय का आचार्य डॉ. चिन्मय ने स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया। विधायक सुदेश राय ने कहा कि सावल माता मंदिर क्षेत्र की 15 से अधिक पंचायतों की आस्था का केंद्र है। गायत्री परिवार एक ऐसा संगठन है जो हर घर तक पहुंचकर परिवारों को टूटने से बचाता है और संस्कार देता है। उन्होंने घोषणा की कि वे और उनके बड़े भाई अखिलेश राय गायत्री परिवार के इस पवित्र संकल्प में तन, मन और धन से पूरा सहयोग करेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सावल माता मंदिर परिसर में जल्द ही विशाल टीन शेड का निर्माण कराया जाएगा।
इस अभियान को सफल बनाने में उपजोन प्रभारी रघुनाथ प्रसाद हजारी, जिला समन्वयक प्रेमलाल कुशवाहा, संयोजक मनोहर दांगी, सहसंयोजक महेश विजयवर्गीय, रामरत्न मालवीय, रमिला परमार, राजेंद्र नामदेव, रमाकांत शर्मा, ललित राय, निर्मला भावसार, द्वारका वर्मा, नारायण सिंह पटेल, समर सिंह मेवाड़ा, बने सिंह दांगी, भगवत प्रसाद मल्होत्रा, अनिल श्रीवास्तव, डॉ. विमल तेजराज, सुरेश त्यागी, प्रहलाद सिंह वर्मा, यशपाल कुशवाहा, हरिओम लेवे, रामनाथ लीव, हरिनारायण पाटीदार, भोपाल सिंह परमार और चेतन प्रसाद सहित सैकड़ों गायत्री परिजनों व ग्रामीणों का योगदान रहा।