Sehore: सीतापुर में मोर्चा संभाले हुए सीहोर के असरदार नेता अरोरा

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Sehore News: सीहोर। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल चरम पर है। इस अहम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में सीहोर के असरदार नेता, बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा ने सीतापुर क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है।
जसपाल सिंह अरोरा ने सीतापुर मंडल के शक्ति केंद्र पचोखरा गांव में बूथ क्रमांक 4 के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्ष की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने बूथ स्तर के प्रबंधन और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जुटने का आह्वान करते हुए बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को भारी मतों से जिताने का संकल्प दिलाया।
दिलचस्प मोड़ पर दतिया की सियासत
बता दें दतिया विधानसभा का यह उपचुनाव बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। आजादी के बाद दतिया विधानसभा का यह 17वां चुनाव है।

  • वर्ष 1951 में जब दतिया विंध्य प्रदेश का हिस्सा था, तब यहां पहले चुनाव में महज 9,421 मतदाता थे। वहीं इस उपचुनाव में 2 लाख 20 हजार 344 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जो पहले चुनाव की तुलना में लगभग 2200 प्रतिशत अधिक है।
    भारती परिवार का दबदबा
    दतिया की सियासत में भारती परिवार का दबदबा रहा है, जिसने सबसे ज्यादा 8 बार जीत दर्ज की है। वहीं, बीजेपी के गठन के बाद 1990 में शंभू दयाल तिवारी ने पहली बार यहां कमल खिलाया था। इसके अलावा डॉ. नरोत्तम मिश्रा 3 बार और कुंवर घनश्याम सिंह 2 बार विधायक चुने जा चुके हैं।
    दतिया विधानसभा का चुनावी सफर
    1951-1960 का दशक: पहले दो चुनावों 1951, 1957 में कांग्रेस के श्यामसुंदर जीते। 1962 में निर्दलीय सूर्यदेव शर्मा ने बाजी मारी।
    1970 का दशक: 1972 में भारतीय जनसंघ के गुलाबचंद कनूलाल जीते, जबकि 1977 और 1980 में कांग्रेस ने फिर वापसी की।
    1985-1990 का दौर: 1985 में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने 16 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की, जबकि 1990 में बीजेपी के शंभू तिवारी जीते।
    1993-2003 का दौर: 1993 और 2003 में कांग्रेस के घनश्याम सिंह जीते, जबकि 1998 में राजेंद्र भारती ने सपा के टिकट पर जीत दर्ज की।
    2008-2018: डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी के टिकट पर लगातार तीन चुनाव 2008, 2013, 2018 जीतकर दबदबा बनाया।
    2023 का मुकाबला: पिछले चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी के डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से हराकर यह सीट जीती थी।
    साख का सवाल बना 17वां चुनाव
    अब यह 17वां चुनाव है, जो बीजेपी और कांग्रेस सहित अन्य दलों के लिए साख का सवाल बन गया है। इस चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने ही कद्दावर नेताओं की फौज मैदान में उतार दी है। इसी कड़ी में सीहोर से असरदार नेता जसपाल सिंह अरोरा को दतिया भेजा गया है। अरोरा सीतापुर मंडल में कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।