बीजेपी नेता को कुर्ता-पजामा का रेट बताने वाला पटवारी निलंबित

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Sehore News: सीहोर। इछावर तहसील में एक जनप्रतिनिधि से अभद्रता करना और डेढ़ सौ रुपये के कुर्ता-पजामा का रेट बताना पटवारी को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हल्का नंबर 29 ग्राम रामदासी में पदस्थ पटवारी ऋषि यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दरअसल कुछ दिनों पूर्व पटवारी ऋषि यादव और एक स्थानीय बीजेपी नेता के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस ऑडियो में पटवारी न केवल बीजेपी नेता से अभद्र भाषा में बात करते सुनाई दे रहे थे, बल्कि उन्होंने तंज कसते हुए डेढ़ सौ रुपये के कुर्ता-पजामा पहनने जैसी कई अमर्यादित बातें भी कही थीं। हद तो तब हो गई जब पटवारी ने केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के राजस्व मंत्री को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कर डालीं।
नोटिस का जवाब नहीं पाया गया संतोषजनक
मामला संज्ञान में आते ही इछावर तहसीलदार ने इसे गंभीरता से लिया और गत 9 जुलाई को पटवारी ऋषि यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। पटवारी द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण का जब गहन परीक्षण किया गया तो प्रशासन ने उसे असंतोषजनक पाया। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि एक शासकीय सेवक द्वारा जनप्रतिनिधियों के प्रति ऐसी भाषा का प्रयोग करना और मंत्रियों पर टिप्पणी करना मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
एसडीएम ने जारी किया सस्पेंशन ऑर्डर
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी इछावर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी ऋषि यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन की इस अवधि के दौरान संबंधित पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय इछावर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
प्रियंका मिश्रा को मिला प्रभार
राजस्व कार्य प्रभावित न हों इसके लिए प्रशासन ने ग्राम रामदासी का संपूर्ण प्रभार तत्काल प्रभाव से ग्राम दीवडिय़ा की पटवारी प्रियंका मिश्रा को सौंप दिया है। इसके साथ ही एसडीएम ने इछावर तहसीलदार को सख्त निर्देश दिए हैं कि संबंधित निलंबित पटवारी के विरुद्ध 15 दिनों के भीतर विधिवत आरोप पत्र, साक्ष्य और दस्तावेजों की सूची तैयार कर विभागीय जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच रिपोर्ट आने के बाद पटवारी पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।