कांवड़ यात्रा ने साढ़े 6 घंटे में नापा 20 किमी का सफर, चिंतामन का किया अभिषेक

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Sehore News: सीहोर। अच्छी बारिश और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर नजदीकी ग्राम पार्वती से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा निकाली गई। ग्राम पार्वती से सुबह 10 बजे शुरू हुई कांवड़ यात्रा साढ़े 6 घंटे तक बिना थके, अविरल चलती रही और शाम 4.30 बजे करीब 20 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर ऐतिहासिक चिंतामन गणेश मंदिर पहुंची। हाथों में धर्म ध्वज और कांवड़ में पार्वती नदी का पवित्र जल लिए हजारों श्रद्धालुओं का पैर जब विघ्नहर्ता के दरबार में थमा तो पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। परंपरा के अनुसार माता पार्वती के जल से उनके पुत्र भगवान गणेश का भव्य जलाभिषेक कर किसानों ने झमाझम बारिश और लहलहाती फसलों की मन्नत मांगी।
बता दें हर वर्ष अषाढ़ के पवित्र महीने में ग्राम पार्वती के निवासी इस पावन परंपरा का निर्वहन करते हैं। बुधवार की सुबह हजारों की तादाद में ग्रामीण पार्वती नदी से जल भरकर और हाथों में धर्म ध्वज लेकर पैदल जत्थे के रूप में रवाना हुए। इस यात्रा की खासियत यह है कि रास्ते में पडऩे वाले दर्जनों गांवों के लोग न केवल इस पैदल जत्थे का भव्य स्वागत करते हैं, बल्कि खुद भी कांवड़ उठाकर इस भक्ति यात्रा में शामिल होते जाते हैं। देखते ही देखते यह छोटी सी यात्रा एक विशाल जनसैलाब में तब्दील हो गई।
इन गांवों के हजारों श्रद्धालु हुए यात्रा में शामिल
20 किलोमीटर की उत्साह से भरी पदयात्रा में क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सहभागिता रही। जत्थे में मुख्य रूप से पिपल्या नगर रेलवे स्टेशन पार्वती, ग्राम बावडिय़ा मैना, जंगीखेड़ी, खजूरी अलादाद, मूडलाकलां, कराडियाभील, बिजौरा, बिजौरी, नयापुरा, बकतल, कौडिय़ाछितु और लोंदिया सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। रास्ते भर भगवान गणेश के जयकारों से पूरा माहौल धर्ममय बना रहा।
नदी-तालाब भरे रहें और किसानों की हो उन्नति
यात्रा के मुख्य सूत्रधार डॉ. पूरण सिंह ने बताया कि यह परंपरा कई दशकों से अनवरत चली आ रही है। चिंतामन गणेश मंदिर में माता पार्वती के जल से विघ्नहर्ता का अभिषेक कर हम सभी जिलेवासियों की खुशहाली की कामना करते हैं। हमारी प्रार्थना है कि इस बार झमाझम बारिश हो, जिससे हमारे नदी, तालाब और कुएं पानी से लबालब भरे रहें। किसानों को अपनी फसलों की अच्छी पैदावार मिले ताकि क्षेत्र में संपन्नता आए।
दर्शन के बाद भक्तों को मिली असीम शांति
ऐतिहासिक चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन किए। जलाभिषेक और महाआरती के बाद उपस्थित भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। भीषण गर्मी और उमस के बीच 20 किलोमीटर पैदल चलने के बाद भी श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान की जगह एक अद्भुत मुस्कान और संतोष था। ग्रामीणों ने बताया कि भगवान गणेश के चरणों में शीश नवाकर उन्हें परम सुकून और शांति की अनुभूति हुई है।