Sehore News: सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र भैरुंदा में सोमवार को मूंग खरीदी की व्यवस्थाओं को लेकर किसानों का बड़ा आक्रोश भडक़ उठा। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में करीब 5 हजार किसानों ने इंदौर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस महाआंदोलन की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसान अपनी मांगों को लेकर सीधे कलेक्टर को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं आंदोलन स्थल पर आकर ज्ञापन नहीं लेंगे और ठोस लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक चक्काजाम खत्म नहीं होगा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारी गजेंद्र जाट ने प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट कह दिया कि अब बात केवल आश्वासनों से नहीं बनेगी। किसानों की मांग है कि मूंग की शत प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए और प्रति एकड़ 6 क्विंटल खरीदी की सीमा तय की जाए। किसान नेताओं ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में जितनी भी तकनीकी बाधाएं और सीमाएं लगाई गई हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए। इन मांगों पर अंतिम निर्णय के लिए कलेक्टर का मौके पर आना जरूरी है और उनके आने तक आंदोलन जारी रहेगा।
2 हजार ट्रैक्टरों के साथ निकली महा-रैली
बता दें सोमवार सुबह से ही भैरुंदा की कृषि उपज मंडी परिसर में हजारों किसानों का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर होते-होते करीब दो हजार ट्रैक्टरों और एक हार्वेस्टर के साथ किसानों ने एक विशाल रैली निकाली। यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई दुर्गा चौक पहुंची, जहां किसानों ने अपने ट्रैक्टरों को बीच सडक़ पर आड़ा खड़ा कर इंदौर-भोपाल हाईवे को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।
सडक़ पर बनाई दाल-बाटी, किया हनुमान चालीसा का पाठ
लगभग 5 घंटे तक चले इस जाम के दौरान किसानों का एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध भी देखने को मिला। किसानों ने हाईवे पर ही कंडे सुलगाए और सडक़ पर ही दाल-बाटी बनाई। सभी ने मिलकर अचार के साथ भोजन किया और वहीं चाय भी बनाई। भोजन के बाद सभी किसानों ने सामूहिक रूप से सडक़ पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और सरकार व प्रशासन को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
5-5 किलोमीटर लंबा जाम, रूट किया गया डायवर्ट
हाईवे जाम होने से इंदौर, भोपाल और सीहोर की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों यात्री वाहनए बसें और मालवाहक ट्रक घंटों फंसे रहे। सडक़ के दोनों ओर करीब 5-5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला और ट्रैफिक को वैकल्पिक रूटों पर डायवर्ट किया। बसों को बृहदेव पुलिया, सोठिया और नहर चौराहा मार्ग से निकाला गया, जबकि छोटे वाहनों को जुगला-बिजला मार्ग की ओर मोड़ा गया।
प्रशासनिक अमला समझाने में रहा नाकाम
कलेक्टर को बुलाने की मांग के बीच भैरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह सहित भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसानों को समझाने और चक्काजाम खुलवाने का प्रयास करते रहे। एसडीएम कुशवाह ने बताया कि किसान नेताओं से लगातार चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन किसान कलेक्टर की उपस्थिति से कम पर मानने को तैयार नहीं दिखे।


