Sehore News: सीहोर। जिले में शनिवार को मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। आसमान से बरसी इस राहत के बाद तपन और उमस से परेशान नागरिकों को जहां बड़ी राहत मिली है, वहीं जिले के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को जिले में औसतन डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण कई निचले इलाकों और ग्रामीण रपटों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
शनिवार को हुई इस झमाझम बारिश में आष्टा क्षेत्र पूरे जिले में सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक सवा दो इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जावर में 1.89 इंच और इछावर क्षेत्र में 1.77 इंच बारिश दर्ज हुई, जिससे आसपास के खेतों में पानी जमा हो गया है। जिला मुख्यालय और उसके आसपास के इलाकों में 1.69 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं बुधनी के नर्मदा तटीय क्षेत्र में 1.57 इंच, रेहटी में 1.52 इंच और भैरूंदा क्षेत्र में 1.10 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान श्यामपुर में सबसे कम $0.83 इंच वर्षा दर्ज हुई।
पिछले साल के मुकाबले इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश
शनिवार की बारिश को मिलाकर 1 जून से लेकर अब तक 4 जुलाई तक जिले में कुल औसत वर्षा का आंकड़ा 10.63 इंच तक पहुंच गया है। कुल बारिश के मामले में भी आष्टा क्षेत्र पूरे जिले में 15.47 इंच के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष 4 जुलाई तक जिले में सूखा जैसी स्थिति थी और केवल 0.05 इंच औसत वर्षा ही दर्ज की गई थी, जिसकी तुलना में इस वर्ष की बारिश बेहद शानदार और किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।
पापनास नदी उफान पर, ढाकनी-मुगली मार्ग बंद
लगातार हो रही तेज बारिश के कारण आष्टा के ढाकनी-मुगली मार्ग पर स्थित पापनास नदी का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव होने के कारण जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए पुल के दोनों ओर कोटवारों और विशेष पुलिस दल की तैनाती कर दी गई है, जो जलस्तर और आवागमन पर सतत निगरानी रख रहे हैं।
जिला प्रशासन की नागरिकों से अपील
लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपील की है कि नागरिक किसी भी स्थिति में जलभराव वाले पुल, उफनती पुलिया अथवा तेज बहाव वाले स्थानों को वाहन से या पैदल पार करने का दुस्साहस न करें। थोड़ी-सी लापरवाही या जल्दबाजी किसी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। यात्रा के लिए केवल सुरक्षित और वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बाढ़ या बारिश से जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। आपात स्थिति होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


