Sehore News: सीहोर। शहर के सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स और व्हाट्सएप ग्रुप पर इन दिनों एक महिला की आवाज का दर्दनाक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में एक पीडि़त महिला किसी विभाग के डीपीसी सर, को संबोधित करते हुए रो-रोकर अपना दुखड़ा सुना रही है और दफ्तर की गंदी राजनीति का शिकार बनाने का आरोप लगा रही है। हालांकि यह ऑडियो किस जिले का है और इसमें कितनी सत्यता है, इसकी पुष्टि लक्ष्य डॉट कॉम नहीं करता है, लेकिन शहर में इस ऑडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में हडक़ंप मच गया है।
वायरल ऑडियो में महिला बेहद भावुक आवाज में कह रही है, डीपीसी सर नमस्ते, मुझे आपसे बात करनी है। मैं यह सोचती थी कि आप बदल गए हैं, बहुत अच्छे हो गए हैं और मेरा ख्याल रखने लगे हैं। लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि आप बदले नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा खतरनाक और घातक हो गए हैं, जो मुझे पूरी तरह मटियामेट करने में लगे हैं।
महिला आगे आरोप लगाते हुए कहती है कि दफ्तर में उसके साथ इमोशनल गेम खेला गया। उसे बुलाकर चाय पिलाई जाती थी ताकि वह गलतफहमी में रहे, जबकि पीठ पीछे उसी के खिलाफ साजिश रची जा रही थी।
आप मेरी नौकरी छीन सकते हो, किस्मत नहीं
महिला ऑडियो में कहती सुनाई दे रही है कि आप मेरी सिर्फ नौकरी छीन सकते हो, मेरी किस्मत नहीं। लेकिन मेरी जो बद्दुआएं निकलेंगी न, उससे आप बच नहीं पाएंगे। आप यह मत समझो कि आप अजर-अमर बनकर आए हो, मैं अंतिम सांस तक अपनी लड़ाई लड़ूंगी।
महिला ने रोते हुए अपनी सुरक्षा और परिवार की चिंता भी जताई। उसने कहा कि वह भी किसी की बेटी और किसी की मां है। अगर इस मानसिक प्रताडऩा की वजह से उसे कुछ हो गया तो उसका बच्चा अनाथ हो जाएगा और उसकी मां रो-रोकर पागल हो जाएगी।
इस्तीफा देने वाले मयंक को लेकर भी बड़ा दावा
ऑडियो में महिला दफ्तर के ही किसी मयंक नाम के कर्मचारी का जिक्र करते हुए कहती है कि डीपीसी सर ने मयंक से जानबूझकर उसके खिलाफ इस्तीफा लिखवाया। महिला का दावा है कि मयंक ने अपनी मर्जी से काम नहीं छोड़ा, बल्कि अधिकारी के कहने पर उससे त्यागपत्र लिया गया है ताकि उस इस्तीफे का इस्तेमाल महिला को नौकरी से हटाने के लिए एक मोहरे के रूप में किया जा सके।
महिला ने भावुक होते हुए कहा मुझे इतना रोना आ रहा था कि उस बच्चे को मेरी वजह से नौकरी छोडऩी पड़ी। लेकिन हकीकत यह है कि वह मेरी वजह से नहीं, बल्कि आपकी वजह से गया है। आप चाहते तो उसे रोक सकते थे, लेकिन आपके पास दूसरों को देने के लिए सिर्फ तकलीफ है, आपके अंदर जरा भी दया नहीं है।
शहर में चर्चाओं और कयासों का दौर तेज
इस ऑडियो के वायरल होने के बाद से सीहोर के विभिन्न सरकारी विभागों में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर यह डीपीसी सर और पीडि़त महिला किस विभाग से जुड़े हैं। इस ऑडियो ने सरकारी दफ्तरों के भीतर काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा, मानसिक प्रताडऩा और आंतरिक राजनीति के गंभीर मुद्दों को एक बार फिर हवा दे दी है। अब देखना यह है कि इस वायरल ऑडियो का संज्ञान लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।


