Sehore: इंतजार करती रह गई ‘सीवन’…

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Sehore News: सीहोर। सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जहां एक ओर मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदी-तालाबों की साफ सफाई और पूजन-अर्चन का दौर चला, वहीं सीहोर शहर में एक बड़ी विडम्बना देखने को मिली। शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली ऐतिहासिक सीवन नदी इस विशेष अवसर पर भी सरकारी सिस्टम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुध का इंतजार ही करती रह गई। शासन के तमाम दावों और निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक अमले या किसी बड़े नेता ने सीवन नदी के उद्धार के लिए यहां कदम तक नहीं रखा।
गंगा दशहरा के मौके पर सीहोर के सरकारी तंत्र और माननीयों ने सीवन नदी से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया, तब शहर के जागरूक युवाओं ने आगे आकर नदी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह तो भला हो शहर के पर्यावरण प्रेमी और युवा नेता प्रदीप छावड़ा का, जिनके नेतृत्व में युवाओं की टीम पिछले कई दिनों से सीवन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार सफाई अभियान चला रही है। सोमवार को भी इन युवाओं ने चिलचिलाती धूप और नौतपे की गर्मी के बीच नदी के घाटों से जलकुंभी, कचरा और गंदगी साफ करने का काम जारी रखा।
सिर्फ कागजों और बयानों तक सीमित न रहे अभियान
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के संरक्षण का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन जिला मुख्यालय की मुख्य नदी की इस तरह उपेक्षा होना हैरान करता है। यदि प्रदीप छावड़ा और उनकी टीम जैसे सामाजिक संगठन और युवा आगे न आएं तो सीवन नदी का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाए। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन को केवल औपचारिकता निभाने के बजाय धरातल पर आकर सीवन नदी के गहरीकरण और स्थाई सफाई के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि शहर की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।