Sehore News: सीहोर। मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पिपलिया मीरा में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके में हडक़ंप मचा दिया। गांव स्थित पुरानी मैदा मिल में अचानक आग भडक़ उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटों और धुएं के गुबार से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
घटना में किसान प्रेम सिंह मेवाड़ा के कृषि उपकरण, फोर व्हीलर वाहन और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। पीडि़त किसान ने करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का दावा किया है। जानकारी के मुताबिक जिस पुरानी मैदा मिल में आग लगी, वहां वर्तमान में पनीर फैक्ट्री का गोदाम संचालित हो रहा था। मिल परिसर के पास ही किसान प्रेम सिंह मेवाड़ा का मकान और कृषि सामग्री रखी हुई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर खड़ा ऑटो कुछ ही मिनटों में जलकर लोहे का ढांचा बन गया। वहीं ट्रैक्टर के उपकरण, कल्टीवेटर, मशीनरी और अन्य कृषि यंत्र धू-धू कर जलते रहे।
आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर करीब 5 घंटे तक मशक्कत की, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आग नहीं बुझती तो आसपास के मकान और खेत भी इसकी चपेट में आ सकते थे। पीडि़त किसान प्रेम सिंह मेवाड़ा ने बताया कि रात करीब 10.30 बजे अचानक आग दिखाई दी। जब तक परिवार कुछ समझ पाताए तब तक आग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
घटना के बाद किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और राजस्व विभाग से पीडि़त किसान को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि आगजनी ने किसान प्रेम सिंह को पूरी तरह तोड़ दिया है और सरकार को तत्काल राहत पैकेज जारी करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आगजनी की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग भी की।


