Sehore News: सीहोर। जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अमलाहा क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही रात्रिकालीन बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा आखिरकार सडक़ पर फूट पड़ा। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान इक_ा होकर अमलाहा डीसी पहुंचे और इंदौर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम कर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने बिजली विभाग की तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय बार-बार और कई-कई घंटों तक बिजली काटे जाने से आम जनता, किसान और व्यापारी बेहद परेशान हैं। भीषण गर्मी और उमस के इस दौर में रात को बत्ती गुल होने से ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। चक्काजाम के कारण इंदौर-भोपाल हाईवे पर वाहनों कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमला दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा और काफी समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को सडक़ से हटाकर यातायात सुचारु कराया।
किसानों का काम बुरी तरह प्रभावित
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में अपनी जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अंधेरे और उमस के कारण रात में नींद पूरी न होने से बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसानों को सिंचाई और कृषि से जुड़े कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कारोबार भी इस अघोषित कटौती की वजह से ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।
सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि यदि आगामी 72 घंटे के भीतर क्षेत्र की रात्रिकालीन बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि इसके बाद होने वाले किसी भी उग्र प्रदर्शन या चक्काजाम की संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली कंपनी और स्थानीय प्रशासन की होगी।


