एमपी कांग्रेस के ‘टॉप.10’ जिलाध्यक्षों में शामिल हुए सीहोर के राजीव

rajeev gujrati

Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में अपनी धाक जमाते हुए सीहोर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने प्रदेश के ‘टॉप.10’ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों की सूची में अपनी जगह बना ली है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्षों की मैदानी सक्रियता को नापने के लिए अपनाए गए हाईटेक और डिजिटल फॉर्मूले में राजीव गुजराती का परफॉर्मेंस बेहद अच्छा रहा है।
बता दें कांग्रेस हाईकमान ने अब जिला अध्यक्षों के कामकाज का आकलन करने के लिए एक विशेष ‘कनेक्ट सेंटर’ स्थापित किया है। यह एक ऐसा डिजिटल पोर्टल और गोपनीय सर्वे सिस्टम है, जहां हर जिले की परफॉर्मेंस रियल-टाइम में ट्रैक होती है। इस पूरे मॉनिटरिंग सिस्टम की कमान केंद्रीय स्तर पर सेंथल कुमार और वामसी रेड्डी संभाल रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश कनेक्ट सेंटर का प्रभार भूपेंद्र कुरावत के पास है।
प्रदेश के 10 सर्वश्रेष्ठ जिले
यह हाईटेक सेंटर केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि मैदानी स्तर पर हो रहे धरने, प्रदर्शन और आंदोलनों को खुद ट्रैक करता है। इस डिजिटल सर्वे के आधार पर एआईसीसी ने जो मध्य प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 जिलों की सूची तैयार की है, उसमें सीहोर जिला भी चमका है। सीहोर के साथ इस सूची में इंदौर, खरगौन, देवास, गुना, सागर ग्रामीण, राजगढ़, मुरैना, रीवा और बैतूल जैसे बड़े जिले ही शामिल हो पाए हैं।
चारों विधानसभाओं में मुखर प्रदर्शन
बता दें सीहोर जिला कांग्रेस में राजीव गुजराती का तीखा अंदाज देखने को मिल रहा है। गुजराती के संबोधन में जिले के भाजपा नेताओं के खिलाफ तीखे प्रहार और उनका आक्रामक अंदाज कार्यकर्ताओं में ऊर्जा फूंकने का काम कर रहा है। हाल ही में बुधनी में आयोजित कांग्रेस के विशाल किसान आंदोलन में राजीव गुजराती ने अपने कड़े तेवरों से जिले के चारों विधायकों पर जमकर निशाना साधा था। आज स्थिति यह है कि जिले की चारों ही विधानसभा सीटों सीहोर, बुधनी, आष्टा और इछावर में कांग्रेस न केवल मुखर है, बल्कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों के कारण सत्तापक्ष को बैकफुट पर आना पड़ रहा है। जिसका उदाहरण बुधनी में हुए उपचुनाव में देखा जा चुका है, जहां बीजेपी को करीब 90 हजार वोटों का नुकसान उठाना पड़ा है।
हाईकमान ने थपथपाई पीठ
राजीव गुजराती के नेतृत्व में जिले में कांग्रेस की सक्रियता ने ही सीहोर को यह बड़ी उपलब्धि दिलाई है। जहां एमपी के कई जिलों की रिपोर्ट ‘कनेक्ट सेंटर’ में रेड ‘खतरे के निशान’ में आई है और वहां के जिलाध्यक्षों को नाराजगी झेलनी पड़ रही है, वहीं सीहोर जिले की ‘ग्रीन और बेस्ट’ रिपोर्ट ने राजीव गुजराती के कद को प्रदेश कांग्रेस में काफी बढ़ा दिया है।