Sehore News: सीहोर। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात जब पूरा जिला गहरी नींद में सोया हुआ था, तब पुलिस महकमे के वायरलेस सेट पर अचानक ‘माइक-1’ (पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक वायरलेस कोड) की गूंज सुनाई दी। वायरलेस पर कप्तान की सक्रियता की खबर मिलते ही पूरे जिले के पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया। कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और पुलिसिंग को जमीन पर कसने के इरादे से नवागत पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना आधी रात के सन्नाटे में अचानक फील्ड पर उतरीं। उन्होंने रात 12 बजे से लेकर तडक़े 3 बजे तक जिले के तीन प्रमुख थानों का औचक निरीक्षण किया। कप्तान की गाड़ी को अचानक अपने-अपने थाना परिसरों में दाखिल होते देख वहां मुस्तैद अमला और थाना प्रभारी पूरी तरह चौंक गए।
रात 12.00 बजे: दोराहा थाने में बजा ‘माइक-1’ का सायरन
एसपी सोनाक्षी सक्सेना के इस औचक दौरे की शुरुआत रात ठीक 12.00 बजे दोराहा थाने से हुई। थाने पहुंचते ही एसपी ने सबसे पहले सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं को खंगाला। उन्होंने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के सुचारु संचालन की जांच की और सीसीटीएनएस सिस्टम की स्थिति को बारीकी से देखा।
गश्त बढ़ाने के निर्देश
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि गश्त में तैनात बल पूरी तरह अलर्ट रहे। सडक़ों और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जाए ताकि अपराधियों को सिर उठाने का मौका न मिले। इसके साथ ही पुराने लंबित मामलों को जल्द निपटाने की बात कही।
रात 01.30 बजे: श्यामपुर थाने में कुंडली खंगाली
दोराहा के बाद ‘माइक-1’ का काफिला रात डेढ़ बजे श्यामपुर थाना पहुंचा। यहां कप्तान का पूरा फोकस अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने वाले सिस्टम पर रहा। एसपी ने थाने की माइक्रो बीट सिस्टम प्रणाली की गहन समीक्षा की। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि थाना क्षेत्र के जितने भी असामाजिक तत्व और आदतन अपराधी हैं, उनकी हर एक गतिविधि पर पुलिस की चौबीस घंटे नजर होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने थाने के रिकॉर्ड, मालखाने और परिसर की साफ सफाई को देखा। एसपी ने लंबित अपराधों और थानों में जमा जब्ती माल का नियमानुसार व शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
तडक़े 03.00 बजे: इछावर थाने में दिखी नाराजगी
इस औचक निरीक्षण का सबसे कड़ा और अंतिम चरण तडक़े 3.00 बजे इछावर थाने में देखने को मिला, जहां अव्यवस्थाएं देखकर कप्तान का पारा चढ़ गया। इछावर थाने में फाइलों का रख-रखाव और शासकीय रिकॉर्ड का संधारण बेहद खराब और बिखरी हुई स्थिति में मिला। इस पर एसपी ने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और रिकॉर्ड को तत्काल सुव्यवस्थित करने का सख्त अल्टीमेटम दिया।
केस पेंडेंसी पर कड़ा रुख
एसपी ने साफ निर्देश दिए कि चालान, मर्ग, लंबित अपराध और आम जनता की शिकायतों का निराकरण समय सीमा के भीतर होना चाहिए। कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से टेबल पर अटकी नहीं रहनी चाहिए, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।


