Sehore: पं. प्रदीप मिश्रा की कथा पैसे के लेनदेन पर निरस्त…

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Sehore News: सीहोर। हरियाणा राज्य करनाल के घरौंडा की नई अनाज मंडी में 17 से 23 मई तक आयोजित होने वाली कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा शुरू होने से पहले ही विवादों की भेंट चढ़ गई है। टेंट ऑपरेटर और आयोजकों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर मंडी में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद आयोजन समिति ने आधिकारिक तौर पर कथा को कैंसिल करने का ऐलान कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस भव्य धार्मिक आयोजन के लिए पिछले 21 दिनों से तैयारियां चल रही थीं। टेंट हाउस के ऑपरेटर राजन ने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए नई अनाज मंडी में हंगामा कर दिया। राजन के मुताबिक टेंट की कुल बुकिंग 1.21 करोड़ रुपये में तय हुई थी। वह अब तक करीब 70 लाख रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन आयोजकों की तरफ से उसे केवल 13 लाख रुपये एडवांस मिले हैं। कई बार भुगतान मांगने के बाद भी जब पैसे नहीं मिले तो विवाद बढ़ गया और आयोजन समिति के अधिकांश सदस्य मौके से गायब हो गए।
कमेटी सदस्यों ने झाड़ा पल्ला
हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद आयोजन समिति के सदस्य सतीश कुमार ने कहा कि उनके पास केवल 3 से 4 लाख रुपये हैं, जो वे देने को तैयार हैं। उन्होंने किसी भी तरह की ठगी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वे तो धार्मिक कार्य करवा रहे थे, लेकिन अड़चन डाल दी गई।
वहीं समिति के अन्य सदस्य संजय गोयल ने सीधे तौर पर यम दृष्टि फाउंडेशन और श्स्वामी विवेकानंद चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी पर गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कथा नहीं होगी और जिन लोगों ने उनके कार्यालय से पर्चियां कटवाई थीं, उनकी दानराशि वापस की जाएगी।
फीस और वीआईपी एंट्री को लेकर भी उठे थे सवाल
कथा के कैंसिल होने के पीछे केवल टेंट का विवाद नहीं, बल्कि भारी-भरकम फीस और कमेटी की आपसी फूट को भी बड़ा कारण माना जा रहा है।
कलश यात्रा शुल्क: 16 मई को होने वाली कलश यात्रा के लिए महिलाओं से 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जा रहा था।
वीआईपी पास: मुख्य शेड में सोफे पर बैठकर कथा सुनने के लिए 5100 रुपये से लेकर 11 हजार रुपये तक की एंट्री फीस तय की गई थी।
भारी दानराशि: स्थानीय लोगों में चर्चा थी कि वीआईपी एंट्री और दान के नाम पर 51 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में पहले से ही नाराजगी थी। हालांकि आयोजकों का दावा था कि बाकी पूरी मंडी में आम लोगों के लिए प्रवेश निशुल्क था।
नेताओं के आने की थी तैयारी
इस आयोजन के लिए बाकायदा कार्ड छप चुके थे, जिसमें कई बड़े राजनेताओं के नाम शामिल थे। वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पिछले कई दिनों से सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटी थी। लेकिन कथा से ठीक दो दिन पहले हुए इस बड़े विवाद ने श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब आयोजन स्थल पर सन्नाटा पसरा है और टेंट उखाडऩे की तैयारी की जा रही है।