Sehore: सरकारी बोरिंग पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का कब्जा…

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Sehore News: सीहोर। ग्राम शेरपुर में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहरा गया है। लेकिन यहां समस्या प्राकृतिक कम और प्रशासनिक अधिक है। गांव की महिलाओं ने जनसुनवाई में कलेक्टर से गुहार लगाई है कि एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने सरकारी बोरिंग पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिसके कारण पूरा गांव प्यासा रहने को मजबूर है।
जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने लिखित शिकायत में बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति के लिए विधायक निधि से एक बोरिंग कराया गया था। यह सार्वजनिक संपत्ति है और लंबे समय से पूरा गांव यहीं से पानी भरता आ रहा था। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केसर भारती ने इस बोरिंग पर अपना हक जताते हुए किसी भी ग्रामीण को पानी भरने से रोक दिया है।
2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी
ग्रामीण महिला राधाबाई ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि गांव में पानी की समस्या इतनी विकराल हो गई है कि घर के सारे काम छोडक़र महिलाओं को पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। सरकारी हैंडपंप जवाब दे चुके हैं और नलजल योजना की टंकी का काम अभी अधूरा है। ऐसे में उन्हें चिलचिलाती धूप में 2 किलोमीटर दूर ग्राम महुआखेड़ी जाना पड़ता है। साइकिल और अन्य साधनों से पानी ढोने में पूरा दिन निकल जाता है।
अब कलेक्टर से उम्मीद
महिलाओं का कहना है कि वे इस दबंगई के खिलाफ कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन वहां से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अंतत: महिलाओं को जिला मुख्यालय आकर कलेक्टर के सामने अपनी व्यथा सुनानी पड़ी।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि सरकारी बोरिंग को जल्द ही कब्जा मुक्त कराया जाएगा और गांव में पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।