Sehore: क्या कार्यकर्ताओं से दूरी बना रहीं हैं प्रभारी मंत्री…

kirshna gour

Sehore News: सीहोर। जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के दौरों के दौरान भाजपा संगठन और सत्ता के बीच समन्वय की कमी अब खुलकर सामने आने लगी है। लगातार हो रही उपेक्षा के कारण कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष के स्वर फूट रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिस तरह से स्थानीय पदाधिकारियों की अनदेखी हुई, उसने पार्टी के भीतर की गुटबाजी और संवादहीनता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
शुक्रवार को प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर सीहोर जिला मुख्यालय पहुंचीं, लेकिन विडंबना देखिए कि स्थानीय मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति को इस दौरे की कोई आधिकारिक सूचना तक नहीं दी गई। जब उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मंत्री के आने का पता चला तो वे कार्यक्रम में पहुंचे और सीधे प्रभारी मंत्री से अपनी नाराजगी जाहिर की। मंडल अध्यक्ष ने शिकायत भरे लहजे में कहा कि हमें आपके दौरा कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं दी जा रही है। हालांकि इस दौरान पार्टी मुखिया ने प्रजापति से कहा कि जानकारी नहीं थी तो आप आए कैसे, जिस पर प्रजापति ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रभारी मंत्री के आने की जानकारी देखकर आया हूं। हालांकि इस दौरान प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति से कहा कि आगे से इस बात का ध्यान रखा जाएगा। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं।
महामंत्री से लेकर मंडल अध्यक्ष तक हताश
बता दें यह पहली बार नहीं है जब प्रभारी मंत्री के दौरे में पदाधिकारियों को किनारे किया गया हो। इससे पहले भी जिले के एक महत्वपूर्ण महामंत्री पद के नेता को कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे वे अंदरूनी रूप से काफी हताश नजर आए थे। इधर अब सीहोर विधानसभा के लोकप्रिय नेता के समर्थक माने जाने वाले सुदीप प्रजापति की अनदेखी की चर्चा ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर छेड़ दिया है।
अनदेखी या नापसंदगी
अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर स्वयं कार्यकर्ताओं से दूरी बना रही हैं या फिर जिला स्तर पर ही पदाधिकारियों की अनदेखी हो रही है।