Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘मामा’ का भावुक रूप और अपनी ही सरकार के फैसलों पर उनकी बेबाक प्रतिक्रिया चर्चा का केंद्र बन गई है। सीहोर के ग्राम पिपलानी में आदर्श गोंड समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न केवल नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया, बल्कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के बदले हुए नियमों पर अपनी पीड़ा भी जाहिर की।
सम्मेलन के दौरान जब शिवराज सिंह चौहान को पता चला कि नए नियमों या प्रशासनिक जटिलताओं के कारण आयोजकों को बेटियों के परिवारों से 11-11 हजार रुपये का शुल्क लेना पड़ा है तो वे मंच पर ही भावुक हो गए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा मामा का दिल कह रहा है कि जब मैं हूं तो बेटियों पर कोई बोझ क्यों पड़े। मामा के रहते हुए बेटियों की शादी शुल्क देकर हो, यह मुझे कतई स्वीकार नहीं।
शिवराज ने तत्काल घोषणा की कि जिन बेटियों से शादी के लिए 11-11 हजार रुपये लिए गए हैं, वह पूरी राशि वे अपनी ओर से सप्रेम भेंट के रूप में बेटियों को वापस करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पैसा सीधे उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
नियमों में बदलाव का दर्द
गौरतलब है कि डॉ. मोहन यादव की सरकार ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कई बड़े बदलाव किए हैं। शिवराज सरकार के समय जहां बेटियों को घर-गृहस्थी का सामान अलमारी, बर्तन, पंखा आदि दिया जाता था, वहीं अब नई व्यवस्था में 49000 सीधे बैंक खाते में जमा किए जाते हैं। इसके अलावा, अब एक सम्मेलन में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों की ही सीमा तय कर दी गई है। पिपलानी में उमड़ी भीड़ और जनता की उम्मीदों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री का यह दर्द छलक उठा कि योजनाओं के तकनीकी पेच कहीं बेटियों के उत्साह को कम न कर दें। उन्होंने बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपनी तरफ से सिलाई मशीनें भी भेंट कीं।
जनता की सेवा ही मेरी पूजा
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे कोई मंत्री या नेता बनकर नहीं, बल्कि बेटियों के मामा और जनता के सेवक के रूप में हमेशा उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक रमाकांत भार्गव और भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


