Sehore News: सीहोर। जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मालवीय (बलाई) समाज ने अब अपनी सामाजिक साख और एकता को बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। बीते कुछ समय से क्षेत्र में चल रहे राजनीतिक विवादों के बाद समाज के वरिष्ठ जनों ने कड़ा रुख अपनाया है।
बता दें आष्टा विधानसभा क्षेत्र में मालवीय समाज का दबदबा जगजाहिर है। दशकों से यहां विधायक इसी समाज से चुने जा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि विधानसभा का राजनीतिक भविष्य यही समाज तय करता है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रमों ने समाज की एकता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए थे। हाल ही में विधायक पुत्र और एक पूर्व पार्षद के बीच हुआ विवाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद पूर्व पार्षद पर लगे छेड़छाड़ के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
वरिष्ठों ने लिया बड़ा फैसला
समाज की छवि धूमिल होते देख अब समाज के प्रबुद्ध और वरिष्ठ नागरिक अलर्ट मोड पर आ गए हैं। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक समाज के वरिष्ठों ने निर्णय लिया है कि आपसी विवादों और आरोपों की सच्चाई जानने के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। बैठक में वरिष्ठों ने कहा कि समाज की एकता और प्रतिष्ठा हमारे लिए सर्वोपरि है।
कमेटी करेगी निष्पक्ष पड़ताल
यह कमेटी इन तमाम विवादों के मूल कारणों की पड़ताल करेगी और यह पता लगाएगी कि आरोपों में कितनी वास्तविकता है। कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट समाज के समक्ष प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे का ठोस निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
चूंकि आष्टा का पूरा चुनावी गणित मालवीय समाज के इर्द-गिर्द घूमता है, इसलिए समाज के इस कड़े रुख से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि समाज का यह कदम न केवल आपसी विवादों को सुलझाने में मददगार होगा, बल्कि भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय करेगा।


