Sehore: ब्रिज का उद्घाटन बनेगा ‘काला दिवस’, चेतावनी…

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Sehore News: सीहोर। हाउसिंग बोर्ड स्थित रेलवे गेट नंबर 104 पर बन रहा ओवरब्रिज अब विवादों के घेरे में आ गया है। ब्रिज कॉर्पोरेशन और ठेकेदार द्वारा आनन-फानन में निर्माण पूरा कर यातायात शुरू करने की कोशिशों का स्थानीय रहवासियों ने कड़ा विरोध किया है। रहवासियों का आरोप है कि प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है और उनकी वाजिब आपत्तियों का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिक फोरम (सीनियर सिटीजन फोरम) के माध्यम से रहवासियों ने शिकायत की है कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की तरफ जहां ब्रिज का अंतिम छोर उतर रहा है, वहां एक निजी भू-स्वामी ने दीवार खड़ी कर दी है। इस दीवार के कारण ब्रिज की चौड़ाई कम हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन पूरी जमीन के सीमांकन के बजाय केवल उतनी ही जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी में है, जो ब्रिज के उतार के लिए जरूरी है, जबकि रहवासी भविष्य की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण और सर्विस रोड की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
रहवासियों ने कलेक्टर को सौंपे आपत्ति पत्र में कई कानूनी खामियों की ओर इशारा किया है, जिसमें बिना सर्वे नंबर और खसरे की स्थिति स्पष्ट किए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो विधि विरुद्ध है। राज्य मार्ग क्रमांक 26 पर नियमत: मार्ग के मध्य से दोनों ओर 15-15 मीटर (कुल 30 मीटर) की चौड़ाई होनी चाहिए, जो वर्तमान में नहीं मिल रही है। लोक निर्माण सेतु संभाग की प्रशासकीय स्वीकृति में ब्रिज के दोनों तरफ सर्विस रोड का प्रावधान है, लेकिन ठेकेदार द्वारा भोपाल रोड की ओर उतरते समय लेफ्ट साइड में सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
काला दिवस मनाने की चेतावनी
रहवासियों की सुविधा के लिए माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका भी दायर की गई है। रहवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगों को पूरा किए बिना ब्रिज शुरू किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इतना ही नहीं समिति ने घोषणा की है कि जिस दिन अधूरा काम छोडक़र ब्रिज का उद्घाटन होगा, उस दिन को रहवासी ‘काला दिवस’ के रूप में मनाएंगे।
कलेक्टर से की गई ये मुख्य मांगें

  • – श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, संतोष नगर और रेलवे लाइन की शासकीय भूमि का संपूर्ण सीमांकन हो।
  • – ब्रिज के दोनों तरफ सर्विस रोड का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए।
  • – केवल ब्रिज निर्माण तक की भूमि नहीं, बल्कि आवश्यक चौड़ाई के लिए पूरी भूमि का अधिग्रहण हो।