Sehore News: सीहोर। गुरुवार रात जिले में आए भीषण आंधी और बेमौसम बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी घातक थी कि जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। बिजली कंपनी के शुरुआती आकलन के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा से विभाग को लगभग 1 करोड़ 35 लाख रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है। जिले के अलग-अलग हिस्सों में 150 से अधिक विशाल पेड़ उखड़ गए और 380 बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।
इस हवा आंधी का सबसे ज्यादा असर अंचलों में देखने को मिला। जिले के 95 गांवों में पूरी रात और अगले दिन तक बिजली गुल रही। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 30 ट्रांसफार्मर खंभों से नीचे गिरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 46 भारी बिजली स्ट्रक्चर भी जमींदोज हो गए। कई प्रमुख क्षेत्रों में 33 केवी और 11 केवी की लाइनें टूटने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रही।
सीहोर और आष्टा वृत्त में भारी नुकसान
नुकसान के मामले में आष्टा वृत्त सबसे अधिक प्रभावित रहा है। सीहोर वृत्त में अहमदपुर, श्यामपुर, खजूरिया कलां और दोराहा क्षेत्रों में कुल 146 पोल 33 केवी, 11 केवी और एलटी टूटे हैं। जबकि आष्टा वृत्त के सिद्दीकगंज और बागेर जैसे क्षेत्रों में कुल 234 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन्हें दुरुस्तीकरण का काम आज शनिवार को भी जारी है।
गर्मी और उमस ने बढ़ाई आमजन की बेचैनी
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार शुक्रवार सुबह तक जिले में 2.1 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद शुक्रवार को दिनभर धूप-छांव की स्थिति बनी रही, जिससे वातावरण में भारी उमस पैदा हो गई। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बिजली गुल होने और उमस के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आज फिलहाल सुबह से धूप खिली हुई है।
कल के बाद राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 5 अप्रैल के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। आसमान साफ होते ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तेजी से उछाल आएगा, जिससे जिले में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर खंभों और लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हैं।


