सीहोर में ‘लौह पुरुष’ को नहीं मिला वाजिब सम्मान…!

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Sehore News: सीहोर। देश की 562 रियासतों को एक धागे में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की गौरव गाथा सीहोर के श्यामपुर में जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर सुनी गई। गुजरात के केवडिया स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से निकली राष्ट्रव्यापी सरदार पटेल एकता यात्रा जब गुरुवार को जिले में पहुंची, तो दावों के उलट यहां की व्यवस्थाओं ने एकता और अखंडता के इस प्रतीक का मजाक उड़ाया।
विडम्बना देखिए, जिन राजनीतिक गलियारों में छोटे-छोटे आयोजनों के लिए आलीशान मंच और कुर्सियां बिछ जाती हैं, वहां राष्ट्र निर्माता की याद में आयोजित सभा के लिए कुर्सियां तक नसीब नहीं हुईं। श्यामपुर के प्रसिद्ध चौपड़ा हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित इस मुख्य पड़ाव पर आलम यह था कि आयोजकों ने जमीन पर बिसात बिछा दी थी, जिस पर बैठकर आमजनों ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को सुना।
मंच की जगह जमीन का सहारा
यात्रा का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम जगाना और सरदार पटेल के संघर्षों को याद करना था, लेकिन कार्यक्रम की तस्वीरों ने प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदारों की गंभीरता की पोल खोल दी। वक्ताओं ने मंच से भले ही इसे राष्ट्र के गौरव का प्रतीक बताया, लेकिन धरातल पर गौरव कहीं नजर नहीं आया। लोगों के बीच चर्चा रही कि क्या महान स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में आयोजित कार्यकम इतना छोटा था कि बैठने के लिए कुर्सियों का प्रबंध भी भारी पड़ गया।
केवडिया से सीहोर तक का सफर
बता दें कि यह यात्रा सरदार पटेल की विरासत को नमन करने के लिए विभिन्न प्रदेशों का भ्रमण करते हुए मध्य प्रदेश पहुंची है। गुरुवार सुबह 9 बजे सीहोर शहर की सीमा में प्रवेश करने के बाद यात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए श्यामपुर पहुंची थी। दोपहर में यहां विशाल जनसभा प्रस्तावित थी, जो अंतत: अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई।