सीहोर। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित ‘दिशा’ की बैठक के बाद अब जिले की सियासत गर्मा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने बैठक में नियमों की अनदेखी और भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शासकीय बैठकों में बाहरी लोग बेरोकटोक आ-जा सकते हैं तो कांग्रेस को भी जनता की आवाज उठाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।
राजीव गुजराती ने ‘दिशा’ जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की संरचना का हवाला देते हुए कहा कि इस बैठक में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी ही शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट सभागार में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए गुजराती ने कहा अगली बार से शासकीय बैठकों में भाजपा पदाधिकारियों के साथ हमें भी आमंत्रित करें, ताकि हम भी जनता की समस्याओं को प्रशासन के सामने रख सकें।
शिवराज जी, सीडी नहीं… सीधे नर्मदा किनारे चलकर सच देखें
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अवैध उत्खनन पर दिखाई गई नाराजगी को गुजराती ने ‘खीज मिटाना’ करार दिया। गुजराती ने कहा कि केवल फोटो-वीडियो दिखाने से काम नहीं चलेगा। गुजराती ने कहा, आइए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर साथ में नर्मदा क्षेत्र का दौरा करते हैं। जनता के सामने यह सच्चाई आनी चाहिए कि आपके 18 साल के मुख्यमंत्री काल और वर्तमान सरकार में मां नर्मदा का सीना किस तरह छलनी किया गया है।
सरकार और सिस्टम पूरी तरह फेल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बैठक में विधायकों द्वारा अपनी ही सरकार के अफसरों पर लगाए गए आरोपों को आधार बनाकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा विधायक सुदेश राय ने खुद स्वीकार किया कि बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी वसूली कर रहे हैं। विधायक रमाकांत भार्गव को सरकारी योजनाओं की जानकारी तक नहीं दी जा रही। विधायक गोपाल सिंह अपनी विधानसभा के गांवों को योजना में नहीं जुड़वा पा रहे। गुजराती ने कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक और केंद्रीय मंत्री खुद भ्रष्टाचार और अफसरों की मनमानी की बात कर रहे हैं तो यह साफ है कि प्रदेश सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है।
भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग
राजीव गुजराती ने मांग की है कि केंद्रीय मंत्री और विधायकों ने जिन अधिकारियों (डीएफओ, माइनिंग और डीडीए) पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने बुधनी-गोपालपुर सडक़ के कछुआ चाल कार्य और क्षेत्र में हो रही वनों की कटाई पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।


