भाजपा प्रोटोकॉल पर भारी ‘अध्यक्ष पति’…

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सीहोर। भारतीय जनता पार्टी के कड़े अनुशासन और कैडर बेस्ड कार्यप्रणाली के दावों पर अपनों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश नेतृत्व द्वारा जिला कोर कमेटी के गठन को लेकर जारी की गई सख्त गाइडलाइन सीहोर भाजपा की पहली ही बैठक में ढेर हो गई। राजधानी भोपाल में मंगलवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक में संगठन के प्रोटोकॉल को दरकिनार कर जिला पंचायत अध्यक्ष के पति की मौजूदगी ने सियासी गलियारों में चर्चाएं गर्म कर दी हैं।
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार जिला कोर ग्रुप में केवल मंत्री, सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष जैसे विशिष्ट पदों पर आसीन व्यक्ति ही शामिल हो सकते हैं। यहां तक कि जिले के तीनों महामंत्रियों पंकज गुप्ता, जितेंद्र गौड़ और तारा कटारिया को भी इस महत्वपूर्ण कमेटी से बाहर रखा गया है।
हैरानी की बात यह है कि जहां संगठन के वरिष्ठ और निर्वाचित पदाधिकारियों के लिए दरवाजे बंद कर दिए गए, वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा के पति सुरेंद्र मेवाड़ा न केवल बैठक में मौजूद रहे, बल्कि रणनीतिक चर्चाओं का हिस्सा भी बने। पार्टी के भीतर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन के नियम केवल कुछ कार्यकर्ताओं के लिए ही हैं।
गोपनीयता और अनुशासन पर सवाल
भाजपा की कोर कमेटी जिले की राजनीति की दिशा तय करने वाली सबसे प्रभावशाली और गोपनीय इकाई मानी जाती है। इस कमेटी में प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, सांसद शिवराज सिंह चौहान, आलोक शर्मा और जिले के सभी विधायक शामिल हैं। ऐसे दिग्गजों की मौजूदगी वाली बैठक में किसी गैर सदस्य का प्रवेश जिला नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगाता है। कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि जब निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के परिजनों के प्रवेश पर पाबंदी है तो नियमों की अनदेखी किस आधार पर की गई।
यूं ही बैठ गए थे
जब इस मामले में जिला भाजपा प्रभारी विकास वीरानी से चर्चा की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि सुरेंद्र मेवाड़ा कमेटी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे बैठक में यूं ही बैठ गए थे।