आष्टा: समाज की राजनीति करने वाले दिग्गज नेताओं ने बनाई दूरी!

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सीहोर। सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुरी में सगे ताऊ द्वारा अपने ही भतीजे-भतीजी की निर्मम हत्या के मामले ने बुधवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब ग्रामीणों ने आष्टा के महाराणा प्रताप चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया। हैरानी की बात यह रही कि मालवीय समाज के नाम पर राजनीति करने वाले क्षेत्र के बड़े जनप्रतिनिधि इस दुख की घड़ी में पीडि़तों के साथ खड़े नजर नहीं आए। समाज के दिग्गजों की इस दूरी को लेकर प्रदर्शनकारियों में गहरी निराशा रही।
बता दें बुधवार सुबह से ही धरमपुरी और आसपास के ग्रामीण आष्टा पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने महाराणा प्रताप चौराहे पर धरना देकर नारेबाजी की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, उनका साफ कहना था कि यदि पुलिस उनकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करती तो आज शीतल और कुलदीप जीवित होते। प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और पीडि़त परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई।
जनप्रतिनिधियों की गैर मौजूदगी बनी चर्चा
आष्टा क्षेत्र में मालवीय समाज की राजनीति करने वाले अनेक जनप्रतिनिधि इस प्रदर्शन से नदारद रहे। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि जब समाज के दो होनहार बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, तब समाज की राजनीति करने वाले यह जनप्रतिनिधि इस धरना प्रदर्शन से क्यों नदारद रहे।
यह था मामला
बता दें बीते 6 मार्च को ग्राम धरमपुरी निवासी शीतल और कुलदीप बोर्ड परीक्षा देने निकले थे, तभी जमीन विवाद के चलते उनके सगे ताऊ हरिसिंह मालवीय ने रास्ते में रोककर लाठियों से उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पिछले दो महीनों में चार बार पुलिस को जान के खतरे की सूचना दी थी, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।