सीहोर। सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मपुरी में शुक्रवार को हुए दोहरे हत्याकांड के बाद उपजा तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। भतीजे और भतीजी की निर्मम हत्या से गुस्साए माहौल के बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने आरोपी हरिसिंह मालवीय के घर में आग लगा दी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सक्रियता दिखाते हुए समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया, जिससे घर का केवल अगला हिस्सा ही जल पाया और एक बड़ी घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह जब 10वीं की परीक्षा देने जा रहे कुलदीप और उसकी बहन शीतल की लाठियों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई तो पूरे गांव में सन्नाटा और आक्रोश पसर गया। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने आरोपियों के घर को निशाना बनाते हुए उसमें आग लगा दी। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को बिगडऩे से रोका। वर्तमान में एहतियात के तौर पर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
क्या थी पूरी घटना
जानकारी के अनुसार जगदीश मालवीय का पुत्र कुलदीप अपनी बहन शीतल के साथ बाइक से परीक्षा देने सिद्दीकगंज जा रहा था। रास्ते में उनके ताऊ हरिसिंह और चचेरे भाई हेमंत ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई जबकि शीतल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिसिंह और उसके पुत्र हेमंत को हिरासत में लिया है।
पुरानी रंजिश और कानूनी विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी हरिसिंह और मृतक के पिता जगदीश के बीच वन भूमि पर कब्जे को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था। अक्टूबर 2025 में आरोपी हरिसिंह के बेटे रितेश की सडक़ दुर्घटना में मौत के बाद से दोनों परिवारों के बीच रंजिश और गहरी हो गई थी। आरोपी हरिसिंह के विरुद्ध पूर्व में भी गाली.गलौज और मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है।
गांव में पुलिस बल तैनात
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं और फिलहाल कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। आगजनी की कोशिश करने वाले अज्ञात तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है।


