कृषि विभाग का दावा, कृषि रथ ने बदली 12 हजार किसानों की सोच

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सीहोर। प्रदेश में मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष के तहत जिला कृषि विभाग ने बड़ा दावा किया है। विभाग द्वारा संचालित कृषि रथ ने पिछले एक महीने में जिले के 372 गांवों का भ्रमण कर करीब 12,440 किसानों को आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया है। 11 जनवरी से 11 फरवरी तक चले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और पैदावार बढ़ाना था।
कृषि रथ के माध्यम से विभाग के अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान किसानों को ई.विकास प्रणाली के जरिए खाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वैज्ञानिकों ने जोर दिया कि किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही खेतों में खाद डालें, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे और अनावश्यक खर्च न हो।
नरवाई जलाएं नहीं, खाद बनाएं
अभियान के दौरान सबसे ज्यादा जोर नरवाई प्रबंधन पर दिया गया। किसानों को समझाया गया कि नरवाई जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि जमीन के मित्र कीट भी मर जाते हैं। इसके विकल्प के रूप में सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्ट्रा रीपर जैसे आधुनिक यंत्रों की जानकारी दी गई। सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी का काम एक साथ करते हैं, जिससे किसानों के समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
जैविक खेती को बढ़ावा
कृषि रथ के माध्यम से ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द, मूंगफली और तिल जैसी फसलों को अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही रासायनिक खेती के बजाय प्राकृतिक एवं जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। किसानों को सरकारी योजनाओं जैसे कस्टम हायरिंग सेंटरए डीबीटी और यंत्रदूत ग्राम योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
इन विकासखंडों में पहुंचा रथ
जिले के 5 प्रमुख विकासखंडों की 372 ग्राम पंचायतों में यह रथ पहुंचा। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समसामयिक समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और उन्हें उन्नत बीज व सूक्ष्म पोषक तत्वों के सही उपयोग की तकनीकी जानकारी प्रदान की।