सीहोर। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. का रौद्र रूप देखकर प्रशासनिक अमले के पसीने छूट गए। अनुशासन को लेकर सख्त कलेक्टर को ‘हल्के में लेना’ जिले के सात अधिकारियों को भारी पड़ गया। समय पर बैठक में न पहुंचने और बिना सूचना गायब रहने पर कलेक्टर ने सात अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
बता दें सोमवार को आयोजित बैठक शुरू होने के बाद काफी देर बाद पहुंचने वाले रेशम, मत्स्य, परिवहन, खाद्य सुरक्षा और विद्युत वितरण विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने साफ किया कि सरकारी कार्यों में ढिलाई और समय की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन पांचों अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश मौके पर ही दे दिए गए। वहीं बैठक से बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहने वाले सीएमओ भैरूंदा और सीएमओ इछावर पर गाज गिरी है। कलेक्टर ने इन दोनों नगरीय निकाय अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
जनता की फाइलों पर बहानेबाजी नहीं चलेगी
कलेक्टर बालागुरू के. ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जन शिकायतों का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और टीएल प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अब कोई भी बहाना नहीं चलेगा। नेशनल हाईवे और रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने के काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए।
मजदूरों और किसानों के लिए विशेष निर्देश
कलेक्टर ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया, उन्होंने रिक्शा चालक और घरेलू कामगारों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधान योजना से जोडऩे के लिए विशेष कैंप लगाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि 60 साल की उम्र के बाद मजदूरों को पेंशन सुनिश्चित करने के लिए ऑन.द.स्पॉट पंजीयन किए जाएं। किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत सौर पंपों की स्थापना में तेजी लाने को कहाए ताकि सिंचाई की लागत कम हो सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह, संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत और जमील खान सहित अन्य जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।


